tag:blogger.com,1999:blog-22420687.post2244053114205627496..comments2008-04-11T15:11:20.889+05:30Comments on निनाद गाथा: हास्य कवि सम्मेलन में कविता सुनने कौन जाता हैअभिनवhttp://www.blogger.com/profile/09575494150015396975noreply@blogger.comBlogger6125tag:blogger.com,1999:blog-22420687.post-63447661504022451842008-04-11T14:09:00.000+05:302008-04-11T14:09:00.000+05:30इतना बड़ा लेख पढ़ने में बड़ी कोफ्त होती है लेकिन आप क...इतना बड़ा लेख पढ़ने में बड़ी कोफ्त होती है लेकिन आप का लेख पूरा का पूरा निगल गया...मजा आ गया...लेकिन हास्य भले हि कितना चल ले बिना कविता अधूरा है.. और अच्छी कविता सभी पसंद करते हैं.. यह तो जो बिना अच्छा लिखे सस्ते में निपताना चाह्ते हैं शायद उनकी दुकानदारी है..Kavi Kulwanthttp://www.blogger.com/profile/03020723394840747195noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22420687.post-39806140539064366132008-03-22T02:18:00.000+05:302008-03-22T02:18:00.000+05:30अभिनव - होली की शुभ कामनाएं - सस्नेह - मनीषअभिनव - होली की शुभ कामनाएं - सस्नेह - मनीषजोशिमhttp://www.blogger.com/profile/08624620626295874696noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22420687.post-35760639954463810322008-03-20T13:27:00.000+05:302008-03-20T13:27:00.000+05:30अभिनव भाई नमस्कारबहुत अच्छे लेख के लिए बधाई स्वीका...अभिनव भाई नमस्कार<BR/><BR/>बहुत अच्छे लेख के लिए बधाई स्वीकार करें <BR/><BR/>कवि दीपक गुप्ता -<BR/>www.kavideepakgupta.comDeepakhttp://www.blogger.com/profile/02231738715306434462noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22420687.post-78815459244617865722008-03-10T11:44:00.000+05:302008-03-10T11:44:00.000+05:30अभिनव चुपचाप से बिन बताए ही भग लिये और अब यहां पर ...अभिनव चुपचाप से बिन बताए ही भग लिये और अब यहां पर पकड़ में आ रहे हो । हास्‍य तो वैसे भ्‍ी कानव मन की आज की सबसे बड़ी जरूरत है मैं स्‍वयं भी जब अवसाद में होता हूं तो वैलकम, खोसला का घोंसला, भेजा फ्राय जाने भी दो यारों जैसी फिलमें देखने बैठ जाता हूं इससे अवसाद का तात्‍कालिक उपचार ये हो जाता है कि वो आपको उतना नुकसान नहीं पहुचा पाता जितना खाली बैठने पर पहुचा देता । हास्‍य तो हमारे जीवन में हमेशा होना ही चाहिये क्‍योंकि वहीं हमें उबार लेता है ।पंकज सुबीरhttp://www.blogger.com/profile/16918539411396437961noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22420687.post-85935604557725599182008-03-10T09:42:00.000+05:302008-03-10T09:42:00.000+05:30very correct sirvery correct sirसजीव सारथीhttp://www.blogger.com/profile/08906311153913173185noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22420687.post-26114619101202945222008-03-10T03:02:00.000+05:302008-03-10T03:02:00.000+05:30सही लिखा है भाई...आज के बोझिल समय मे हास्य कविता ब...सही लिखा है भाई...आज के बोझिल समय मे हास्य कविता बहुत जरूरी हैReetesh Guptahttp://www.blogger.com/profile/12515570085939529378noreply@blogger.com